Saturday 5 June 2010

आदरणीय पाबलाजी को कोटि-कोटि धन्यवाद- सुरेश शर्मा

इस ब्लॉग से पहले मैंने अपनी ब्लॉग संबंधी समस्या आपलोगों के सामने रखी थी, सभी दोस्तों ने अपने-अपने स्तर से मेरी समस्या सुलझाने का प्रयास किया , कई फोन भी आये ! पाबलाजी तो लगातार आधा घंटा फोन लाइन पर तबतक बने रहे जबतक उन्होंने मेरी समस्या सुलझा नहीं दी, स्टेप दर स्टेप वे मुझे क्या करना है ये समझाते रहे और आखिरकार उन्होंने हैकर को ढूंढ निकला तथा मेरे ब्लॉग को शेफ कर दिया !
सोचता हूँ , क्या मिलता होगा दूसरों की इस तरह मदद करके पाबलाजी को? शायद कुछ नहीं..और शायद बहुत कुछ ! जो दूसरों की मदद को तत्पर रहते है, उन्हें भला क्या स्वार्थ हो सकता है..ऐसे व्यक्ति को ही निःस्वार्थी कहा जाता है! दूसरों की समस्या का निवारण करके इन्हें जो ख़ुशी मिलती है शायद यही इनका स्वार्थ है ! कभी भी कोई भी ब्लॉग संबंधी या इंटरनेट संबंधी समस्या हो तो पाबलाजी हमेशा आपको मदद के लिए तैयार मिलेंगे !-एक बार फिर कोटि-कोटि धन्यवाद पाबलाजी !

18 comments:

M VERMA said...

इस परिवार (ब्लागजगत) के क्या कहने. सबका प्रेम ही तो है कि लोग इसके आशिक हैं. और फिर पाबला जी जिनका मकसद ही सेवा है.
पाबला जी को नमस्कार

paramjitbali-ps2b said...

पाबला जी से हम भी मदद ले चुके हैं.वे हमेशा तैयार रहते हैं। ब्लॉग जगत मे वह बहुत सहस्योग दे रहे हैं हम जैसे नासमझ ब्लॉगरों का।उन का जितना भी आभार माना जाए कम है।

शिक्षामित्र said...

आखिर,कार्टून के पात्रों का ही नहीं, कार्टूनिस्ट के चेहरे की मुस्कान का बरकरार रहना भी जरूरी था।

IRFAN said...

Pablaji ko agar electronik jagat ka SANT kaha jaye to koi atishyokti hanin hogi.Ek din main zartoor un per ek poori post likne wala hoon.Unko hamesh meri shubhkaamnayen!

महफूज़ अली said...

पाबला जी की बात ही अलग है.... एक बार मैंने उन्हें रात के तीन बजे जगाया और पूछा था कि क्या कर रहे हैं? ही ही ही .... फिर उन्हें अपनी समस्या बताई.... और उन्होंने उस समस्या का पूरा निवारण किया.... ऐसे हैं हमारे पाबला जी..... वैसे आप एक कार्टून मेरा भी बना दीजिये.... मैंने ख़ुद को कभी कार्टून के रूप में नहीं देखा है.... बड़ी तमन्ना है ख़ुद कार्टून रूप में देखने की.... सोचता हूँ कि कैसा लगूंगा मैं? ख़ुद को कभी टॉम एंड जेरी भी समझ लेता हूँ....

Udan Tashtari said...

पाबला जी, तुस्सी ग्रेट हो जी!! :)

अविनाश वाचस्पति said...

बिल्‍कुल सही। पाबला जी सदाशयता और सहयोगिता का एक अनुपम उदाहरण हैं। हम सबको इनका अनुकरण करना चाहिए।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

पाबला जी, का जवाब नहीं।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

श्री पाबला जी बहुत ही सहयोगी किस्म के इन्सान हैं!

honesty project democracy said...

बिल्‍कुल सही। पाबला जी सदाशयता और सहयोगिता का एक अनुपम उदाहरण हैं। हम सबको इनका अनुकरण करना चाहिए।

लेकिन क्या करें अविनाश जी पावला जी सिर्फ नेकी और नेकी ही करते हैं वो भी कुछ लोगों को पसंद नहीं ,पता नहीं ऐसा सोचने वालों को लोगों के नेकी की कद्र करने की समझ कब आएगी ,पावला जी के इस उम्दा सहयोगात्मक भावना के लिए हमारी ओर से कोटि-कोटि धन्यवाद |

Mired Mirage said...

मैंने तो सहायता लेने को सबसे पहले उन्हीं का नाम आपको सुझाया था। नेट, कम्प्यूटर व सहायता, तीनों उन्हीं के क्षेत्र हैं।
जिसका काम उसी को साजे।
घुघूती बासूती

राजीव तनेजा said...

पाबला जी दा जवाब नय्यी

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

पाबला जी, तुसी ग्रेट हो.

Mithilesh dubey said...

पाबला जी, तुस्सी ग्रेट हो जी

शिवम् मिश्रा said...

पाबला जी, आप सच में ग्रेट हो | हर कोई आप का मुरीद बन जाता है, आप के बारे में आपके ही शब्दों में कहना ज्यादा सही होगा कि, "कम्पयूटर अविश्वसनीय रूप से तेज, सटीक और भोंदू है.
पाबला अविश्वसनीय रूप से धीमा, अस्पष्ट और प्रतिभावान है.
लेकिन दोनों मिलकर, कल्पना-शक्ति से ज़्यादा ताकतवर हैं !!"

vedvyathit said...

pabla ji ko sadhuvad
ved vyathit

सुनील दत्त said...

पाबला जी से हमने कई बार समपर्क करने की कोशिस की पर उनका बलाग खुलता ही नहीं लगता है उनके नाम सीधी पोस्ट लिखनी पड़ेगी।
अगर हो सके तो पवला जी तक आप हमारी बात पहुंचा दें ताकि वो हमें मेल कर सकें।

Parul said...

aise log bahut kam hai..vakai ye samman ke haqdaar hai!